A.R. मुरुगादॉस की नई फिल्म “सिकंदर” सलमान खान के उसी दमदार अंदाज को लेकर आई है जिसके फैंस दीवाने हैं। राजा का रोल, जबरदस्त एक्शन और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी कहानी के बावजूद यह फिल्म अपने पूरे पोटेंशियल पर खरी नहीं उतर पाती।
सिकंदर मूवी
| Sikandar | |
| Release date: | 30 March 2025 (india) |
| Cast: | Salman Khan and Rashmika Mandanna |
| Director: | A.R. Murugadoss |
| Music director: | Pritam Chakraborty, Santhosh Narayanan |
| Producer: | Sajid Nadiadwala |
| Production company: | Nadiadwala Grandson Entertainment |
| Screenplay: | A.R. Murugadoss |
| Reviews: | 4.1 |
| Budget: | ₹200 crore |
| Language | Hindi |
कहानी में है दम, पर है थोड़ी उलझी हुई
सलमान खान यहाँ “सन्जय राजकोट” के रूप में हैं, एक ऐसा राजा जो अपनी प्रजा के लिए कुछ भी कर सकता है। उसकी पत्नी श्रीसाई (रश्मिका मंदाना) एक आर्टिस्ट है जो इंसानियत की सेवा को सबसे बड़ा धर्म मानती है। एक बुरे मंत्री (सत्यराज) और उसके बेटे (प्रतीक बब्बर) की वजह से उनकी जिंदगी में तबाही आ जाती है, और फिर सिकंदर को तीन अलग-अलग लोगों की मदद करनी पड़ती है।
सलमान का स्टाइल फिर भी काम करता है
अगर आप सलमान खान के “स्टाइल, एक्शन और डायलॉग्स” के फैन हैं, तो यह फिल्म आपको पसंद आएगी। उनका अंदाज, स्लो-मो एंट्री और गुंडों को धूल चटाने के सीन्स में वही पुराना भैया वाला जोश है। रश्मिका मंदाना की एक्टिंग ठीक है, लेकिन उनका किरदार कुछ खास याद नहीं रहता।
कहानी में कमजोर पक्ष
फिल्म की सबसे बड़ी कमी है इसकी कन्फ्यूजिंग स्क्रिप्ट कहानी एक साथ कई चीजें दिखाना चाहती है – प्रेम कहानी, सामाजिक मुद्दे, रिवेंज ड्रामा – लेकिन कुछ भी पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाता। कुछ सीन्स ऐसे हैं जहाँ लॉजिक पूरी तरह गायब हो जाता है, जैसे राजा होकर भी पुलिस को मारना या विलेन का बेटा इतना ओवरएक्ट करना कि वह कॉमेडी लगने लगता है।
फाइनल वर्ड: क्या यह फिल्म देखने लायक है?
अगर आप सलमान खान के एक्शन और स्टाइल के लिए ही फिल्में देखते हैं, तो यह आपको पसंद आ सकती है। लेकिन अगर आप टाइट स्क्रिप्ट और गहरी कहानी की उम्मीद कर रहे हैं, तो यह फिल्म आपको निराश कर सकती है।


